यदि आपको सचमुच साधन करना है तो भाई ! जगत् में प्रभुका दर्शन करो । जगत् में प्रभुका दर्शन करनेका फल यह होगा कि कोई और है, कोई गैर है, यह चीज बिलकुल मिट जायगी। यदि सचमुच अपने प्यारेका दर्शन नहीं कर पाते तो भाई ! वस्तु को देखकर क्या करेंगे, व्यक्ति को देखकर क्या करेंगे ?- स्वामी श्रीशरणानन्दजी

॥ हरि: शरणम्‌ !॥ ॥ मेरे नाथ ! ॥ ॥ हरि: शरणम्‌ !॥
॥ God's Refuge ! ॥ ॥ My Lord ! ॥ ॥ God's Refuge ! ॥

प्रार्थना

(‘प्रार्थना’ आस्तिक प्राणी का जीवन है।)


मेरे नाथ !
आप अपनी सुधामयी, सर्व समर्थ, पतितपावनी, अहैतुकी कृपा से,
दु:खी प्राणियों के हृदय में, त्याग का बल एवं सुखी प्राणियोंके हृदय में,
सेवा का बल प्रदान करें; जिससे वे सुख-दु:ख के बन्धन से मुक्त हो,
आपके पवित्र प्रेम का आस्वादन कर, कृत्कृत्य हो जाएँ।

Listen This Prayer And Hari Sharnam Kirtan

Listen This Prayer In The Divine Voice Of Devaki Maa

सन्त हृदय की करूण पुकार


हे हृदयेश्वर, हे सर्वेश्वर, हे प्राणेश्वर, हे परमेश्वर।
हे हृदयेश्वर, हे सर्वेश्वर, हे प्राणेश्वर, हे परमेश्वर।
हे हृदयेश्वर, हे सर्वेश्वर, हे प्राणेश्वर, हे परमेश्वर।
हे हृदयेश्वर, हे सर्वेश्वर, हे प्राणेश्वर, हे परमेश्वर।
हे हृदयेश्वर, हे सर्वेश्वर, हे प्राणेश्वर, हे परमेश्वर।
हे समर्थ हे करूणासागर विनती यह स्वीकार करो,
हे समर्थ हे करुणासागर विनती यह स्वीकार करो,
भूल दिखाकर उसे मिटाकर अपना प्रेम प्रदान करो।
भूल दिखाकर उसे मिटाकर अपना प्रेम प्रदान करो।
पीर हरो हरि पीर हरो हरि पीर हरो प्रभु पीर हरो।
पीर हरो हरि पीर हरो हरि पीर हरो प्रभु पीर हरो।


Listen This Prayer

॥ हे मेरे नाथ! तुम प्यारे लगो, तुम प्यारे लगो! ॥
॥ O' My Lord! May I find you lovable, May I find you lovable! ॥

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