॥ हरि: शरणम्‌ !॥ ॥ मेरे नाथ ! ॥ ॥ हरि: शरणम्‌ !॥
॥ God's Refuge ! ॥ ॥ My Lord ! ॥ ॥ God's Refuge ! ॥

मैं तो मानव सेवा संघ के मंच को ऐसा मानता हूँ कि जहाँ पर एक अंग्रेज, एक अमेरिकन, एक रशियन, एक हिन्दू, एक बौद्ध, विभिन्न देशों, विभिन्न मतों के लोग एक साथ बैठे और जीवन के शुद्ध सत्य पर विचार कर सके- इस मंच को ऐसा सुरक्षित रखना है। इस मंच के माध्यम से किसी एक-देशीय साधना की चर्चा कभी नहीं की जाएगी। -स्वामी श्रीशरणानन्दजी महाराज, सन्तवाणी से

"सर्वमान्य सत्य" को देश, काल, मत, वर्ग, संप्रदाय, मजहब का भेद छू नहीं सकता है।


स्वामीजी श्रीशरणानन्दजी महाराज पुस्तकों में अपना नाम तथा चित्र प्रकाशित करने के लिए कभी अनुमति नहीं देते थे। परंतु देश, काल, परिस्थिति परिवर्तन तथा कुछ व्यावहारिक कारणों से इस Website में उनका नाम तथा चित्र दिया गया है। श्रीस्वामीजी के इस संबंध के विचार जानने के लिए इस pdf को पढ़ें।

विलक्षण संत, विलक्षण विचार (Pdf)

प्रार्थना

(‘प्रार्थना’ आस्तिक प्राणी का जीवन है।)

मेरे नाथ !
आप अपनी सुधामयी, सर्व समर्थ, पतितपावनी, अहैतुकी कृपा से,
दु:खी प्राणियों के हृदय में, त्याग का बल एवं सुखी प्राणियोंके हृदय में,
सेवा का बल प्रदान करें; जिससे वे सुख-दु:ख के बन्धन से मुक्त हो,
आपके पवित्र प्रेम का आस्वादन कर, कृत्कृत्य हो जाएँ।

Listen This Prayer And Hari Sharnam Kirtan

Listen This Prayer In The Divine Voice Of Devaki Maa

प्रार्थना

मेरे नाथ,
आप अपनी सुधामयी, सर्व समर्थ, पतितपावनी, अहैतुकी कृपा से मानव मात्र को विवेक का आदर तथा बल का सदुपयोग करने की सामर्थ्य प्रदान करें एवं हे करुणा सागर ! अपनी अपार करुणा से शीघ्र ही राग-द्वेश का नाश करें।
सभी का जीवन सेवा-त्याग-प्रेम से परिपूर्ण हो जाए।



सन्त हृदय की करूण पुकार


हे हृदयेश्वर, हे सर्वेश्वर, हे प्राणेश्वर, हे परमेश्वर।
हे हृदयेश्वर, हे सर्वेश्वर, हे प्राणेश्वर, हे परमेश्वर।
हे हृदयेश्वर, हे सर्वेश्वर, हे प्राणेश्वर, हे परमेश्वर।
हे हृदयेश्वर, हे सर्वेश्वर, हे प्राणेश्वर, हे परमेश्वर।
हे हृदयेश्वर, हे सर्वेश्वर, हे प्राणेश्वर, हे परमेश्वर।
हे समर्थ हे करूणासागर विनती यह स्वीकार करो,
हे समर्थ हे करुणासागर विनती यह स्वीकार करो,
भूल दिखाकर उसे मिटाकर अपना प्रेम प्रदान करो।
भूल दिखाकर उसे मिटाकर अपना प्रेम प्रदान करो।
पीर हरो हरि पीर हरो हरि पीर हरो प्रभु पीर हरो।
पीर हरो हरि पीर हरो हरि पीर हरो प्रभु पीर हरो।


Listen This Prayer

॥ हे मेरे नाथ! तुम प्यारे लगो, तुम प्यारे लगो! ॥
॥ O' My Lord! May I find you lovable, May I find you lovable! ॥

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